Friday, November 1, 2013

इंसान सोच तो ले उसका इरादा क्या है..

जिन्दगी के तमाम अनुभव बस यही कहते हैं जिन्दगी सिर्फ जिने के लिए नहीं होती जिन्दगी मे जितना भी जरुरी है, ये जीत हार हमेशा हमें घेरे रहते हैं और हम ज्यादातर जानबूझकर हारते हैं और बड़ी शिद्द्त से जीत हमारे हिस्से मे आती है. सामाजि – आर्थिक कारणों के अ‍तिरिक्त हमारी खुद से खुद की एक जद्दोज़हद होती है जो होना बहुत जरुरी है, और जिसे बामुश्किल हीं कोई सही – सही जान पाता है कि आखिर हम खुद से क्या चाहते हैं हमारी खुद से खुद की क्या उम्मीदें हैं. इंसान एक बार ये जान पाए कि उसका इरादा क्या है, फिर समझ लिजिए शाब आपने जिन्दगी की आधी से ज्यादा लड़ाई जीत ली रास्ते तैयार हो गए है अब तो बस पैरो की ताकत बरकरार रखने की जरुरत है.

No comments:

Post a Comment