Friday, March 4, 2016

जे.एन .यू

जे.एन .यू कुछ जबरदस्ती नही सिखाता हम खुद ब खुद बहुत कुछ सिख जाते हैं यहाँ की आबो हवा में, दूसरो की छल्लेदार बातो पर हम सोचना समझना शुरू कर देते हैं बजाय कि बस प्रभावित हो जाएँ किसी के मात्र कुछ कह देने भर से . हमे तमाम बनी बनाई सहमतियो में असहमति की आवाज सुनाई देने लगती है. हम हर बात को मानना छोडकर हर बात की वजह क्या है ये जानना शुरु कर देते हैं. हम वहम में नही वजह में जीना सीख जाते हैं. बड़े बड़े लोग मन की बात करते हैं हम मन की चाल चलना सिख जाते हैं. यहाँ हम बात काटना सिख जातेहैं. ये विरोधी का जे.एन. यूं है जहाँ हम पुरजोर तरीके से विरोध करना सिख जाते हैं. हमें हमारे खुद के होने का आत्मविश्वास देता है जे.एन.यूं..आजाद भारत में भी बहुत कुछ गुलाम है ये बात भी समझा देता है हमे जे एन यूं

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